मुसाफिर और दामाद चुटकुले – musafir damad jokes

मुसाफिर और दामाद चुटकुले 

 मुसाफिर- बेटा ज़रा थोड़ा पानी पिला दो.. 

  • बच्चाअगर लस्सी हो जाए हो?? 
  • मुसाफिर– तब तो बहुत ही अच्छा होगा.. 
  • बच्चा लस्सी ले आया, 
  • 5 लोटे लस्सी पीने के बाद.. 
  • मुसाफिर– बेटा तुम्हारे घर में कोई लस्सी नहीं पीता क्या?? 
  • बच्चा– पीते तो सब हैं मगर आज इसमें एक चूहा गिर गया था और इसी में मर गया.. 
  • मुसाफिर ने गुस्से में लोटा ज़मीन पर फेंक कर मारा.. 
  • लड़का(रोते हुए)- मम्मी, इन्होने लोटा तोड़ दिया अब toilet में क्या लेकर जाएँगे।

मुसाफिर बेहोश..

एक बार रेल में बैठे दो मुसाफिरों में लड़ाई हो रही थी।
एक खिड़की खोल देता था और कहता था, ‘गर्मी लग रही है, इसलिए खिड़की खुली रहने दो।’
दूसरा खिड़की बंद कर देता था और कहता ‘सर्दी लग रही है इसलिए खिड़की बंद रहने दो।’
……….
जब उन्हें लड़ते-लड़ते काफी देर हो गई तो तीसरे मुसाफिर ने कहा- ‘क्यों लड़ते हो भाई! कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि खिड़की का सिर्फ फ्रेम ही है, कांच नहीं।’

 एक बस में संता सफ़र कर रहा था,
तभी साथ वाले मुसाफिर ने बीडी जलाई और धुंआ संता की ओर छोड़ दिया,
संता कुछ नहीं बोला।
अचानक खिड़की से आई तेज़ हवा के कारण बीडी से एक चिंगारी निकली और संता की नई कमीज़ जल गयी,
संता फिर भी शांत रहा।
ये सब देख रहे मुसाफिर को शर्म आ गई और सोचा,
कितना सब्र वाला नेक इंसान है!
माफ़ी मांगने के अंदाज़ में मुसाफिर ने पूछा-किस गावं के हैं भाई साब ?
संता: कयूं अब गांव भी फूंकेगा क्‍या…।

* कोन कहता हे मुसाफिर जख्मी नही होते

रस्ते गवाह है कम्बख्त गवाही नही देते

* चिरागों को आँखों में महफूज़ रखना !
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी….!!
मुसाफिर हैं हम भी मुसाफिर हो तुम भी !
किसी न किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी !!

* आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला
मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा…

* मोहल्ले भर की औरतों  ने पिकनिक पर जाने का प्रोग्राम बनाया।

only ladies ! खूब मस्ती करेंगे !! yippi ii”

रास्ते में बस  खाई में गिर गयी। कोई भी नहीं बची।

सारी औरतो के पति रो रहे थे और लगभग एक हफ्ता तक रोते ही रहे।

पर गुल्लू दो हफ्ते तक रोता रहा !

एक बोला, “देखो कित्ता प्यार करता था अपनी बीवी को।”

दूसरा सांत्वना देते हुए, “गुल्लू भाई चुप हो जाओ। जीवन इसी का नाम है। यहाँ सब मुसाफिर हैं। आज वो गए कल हमने जाना है। जाने वालों का गम नहीं करते। इतना क्यों रो रहे हो ??”
गुल्लू : “चुप करो हरामखोरों !
मेरी बीवी की बस छूट गयी थी ।

* एक आदमी कब्र पर बैठा था.. मुसाफिर ने पूछा,
डर नही लगता? आदमी- डरने की क्या बात है,
अंदर गरमी लग रही थी थोड़ी देर बाहर आ गया।

* एक बार दामाद जी पहली बार अपनी ससुराल गये..
वहाँ सारे दिन बोर हो गये तो गाँव वालों से पूछा-
यहाँ कोई enjoy करने वाली चीज़ है क्या??
गाँव वाले- नहीं भाई, 1 थी वो भी तुम ले गये…

* एक बार रेलवे स्टेशन पर एक बुजुर्ग बैठे रेल का इंतजार कर रहे थे। वहाँ एक नवयुवक आया और उसने बुजुर्ग से पूछा, “अंकल, समय क्या हुआ है?” बुजुर्ग: मुझे नहीं मालूम।

युवक: लेकिन आपके हाथ में घड़ी तो है, प्लीज बता दीजिए न कितने बजे हैं?

बुजुर्ग: मैं नहीं बताऊँगा।

युवक: पर क्यों?

बुजुर्ग: क्योंकि अगर मैं तुम्हें समय बता दूँगा तो तुम मुझे थैंक्यू बोलोगे और अपना नाम बताओगे, फिर तुम मेरा नाम, काम आदि पूछोगे। फिर संभव है हम लोग आपस में और भी बातचीत करने लगें। हम दोनों में जान-पहचान हो जायेगी तो हो सकता है कि ट्रेन आने पर तुम मेरी बगल वाली सीट पर ही बैठ जाओ। फिर हो सकता है कि तुम भी उसी स्टेशन पर उतरो जहाँ मुझे उतरना है। वहाँ मेरी बेटी, जोकि बहुत सुन्दर है, मुझे लेने स्टेशन आयेगी। तुम मेरे साथ ही होगे तो निश्चित ही उसे देखोगे, वह भी तुम्हें देखेगी। हो सकता है तुम दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठो और शादी करने की जिद करने लगो। इसलिए भाई, मुझे माफ करो ! मैं ऐसा कंगाल दामाद नहीं चाहता जिसके पास समय देखने के लिए अपनी घड़ी तक नहीं है।

* दामाद का SMS सास के लिए
.
.
आपका प्रोडक्ट मेरे मुताबिक नहीं है और मैं इसे लौटाकर एक्सचैंज करना चाहता हूं…
.
.
थोड़ी देर के बाद सास ने SMS रिप्लाई किया..
.
.
इस प्रोडक्ट की वारंटी खत्म हो चुकी है..
रिफंड या एक्सचैंज की कोई पॉलिसी नहीं है..
.
.
प्रोडक्ट का परफार्मेंस बेहतर करने के लिए
बालों से पकड़कर 2 दफा धुलाई करें…
अब वैसे भी कंपनी ने नया प्रोडक्ट बनाना बंद कर दिया है..
और स्टॉक में जो माल बचा है उसकी बुकिंग हो चुकी है
और टोकन मनी भी मिल गई है..
ज्यादा परेशानी हो तो उपभोक्ता फोरम में जाकर तसल्ली कर सकते हैं……!!!

* दामाद अपनी सास से –
आपकी बेटी ने दुखी कर रखा है मुझे कभी खुशी नहीं देती
सास – बेटा अपने अपने नसीब की बात है ,,
यहाँ थी तो सारे लड़के उससे खुश रहते थे

* सास ने अपने फौजी दामाद को ख़त लिखा, “मेरी बेटी को तन्हा छोड़ कर तुम सरहद में मौज मस्ती कर रहे हो, शराफत से मेरी बेटी के पास आ जाओ। कोई भी बहाना बनाकर छुट्टी ले लो।”
.
.
.
.
.
फौजी दामाद ने सास को एक हैण्ड ग्रेनेड बम के साथ ख़त भेजा जिसमे लिखा था, “प्यारी सासू माँ, अगर आप इसकी पिन खींच ले तो मुझे 3 दिन की छुट्टी मिल जाएगी!” .

एक बुढ़िया का दामाद बहोत काला था ।
सास : दामाद जी आप तो 1 महीना यहाँ रुको दूध, दही खाओ । मौज करो आराम से रहो यहाँ । दामाद : अरे वाह सासु माँ आज बड़ा प्यार आ रहा है मुझ पे । सास : अरे प्यार व्यार कुछ नहीं कलमुहे वो हमारी भैंस का बच्चा मर गया , कम से कम तुम्हे देख कर दूघ तो देती रहेगी ।

* दामाद का प्यार!

एक बार एक सास अपने 3 दामादों का प्यार देखने के लिए दरिया में कूद गयी
तो एक दामाद ने बचा लिया।
सास ने उसे कार तोहफे में दे दी।

अगले दिन फिर कूद गयी तो दूसरे दामाद ने बचा लिया उसे मोटरसाइकिल मिली।

फिर तीसरे दिन सास दोबारा कूदी तो तीसरे दामाद ने सोचा कि अब तो साइकिल ही मिलेगी

तो उसने सास को नही बचाया, सास मर गयी लेकिन फिर भी दामाद को मर्सिडीज़ मिली।
कैसे?
.
.
.
.
.
.
.
ससुर ने दी।

एक बार एक कामचोर दामाद अपनी ससुराल गया

  • वहाँ वह 1 हफ्ते तक डटा रहा
  • आखिर में उसकी सास ने तंग होकर कहा
  • ओ दामाद जी अब अपने घर जाओ
  • दामाद ने जवाब दिया क्यों जाऊ?
  • सास बोली 1 हफ्ता हो गया अब जाओ
  • वो बोला तुम्हारी बेटी भी जब मेरे घर 6 महीने
  • रहती है तब कुछ नहीं?
  • सास बोली वो तो वहाँ ब्याही गई है
  • दामाद बोला मैं कौन सा यहाँ फूंका गया हूँ ?
  • मैं भी यहाँ ब्याहा गया हूँ…

ससुर : तुम दारू पियत हो,
कबहु बताये नाही…?
.
दामाद : तुम्हार लडकी
खून पियत है
तुम बताये क्या

बेटी: मां, मेरा उनसे झगड़ा हो गया है,
मैं आपके यहां 2 हफ्ते के लिए आ रही हूं।
मां: बेटी उसे अपने कर्मों की सजा मिलनी ही चाहिए.
तू वहीं रुक मैं 2 महीनों के लिए वहां आती हूं।

musafir-damad-jokes

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *